Rudrapeayag, Radio Kedar 91.2 FM: मशरूम की खेती पलायन की समस्या पर काफी हद तक रोक लगा सकती है। मशरूम की खेती में पानी और तापमान का बहुत ध्यान रखना होता है। पादप विशेषज्ञ डॉ. अंशुल आर्य ने ढींगरी मशरूम की व्यावसायिक खेती पर विस्तार से चर्चा की। ढीगरी मशरूम पौष्टिकता के लिहाज से सबसे बेहतर है। मौसम और तापमान के लिहाज के उत्तराखंड में ढींगरी मशरूम आजीविका का प्रमुख संसाधन हो सकती है। पुराने घर, जिनको छोड़ा जा चुका है, में भी मशरूम की खेती की जा सकती है। मशरूम को लेकर और भी बहुत सारी जानकारियां मिलेंगी इस वीडियो में…
पहाड़ से पलायन रोक सकती है मशरूम की खेती
Mushroom Farming: Stopping Migration in Uttarakhand, Expert Advice
रेडियो केदार (91.2 एफएम) एक सामुदायिक रेडियो है, जो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला स्थित ग्राम क्यूड़ी, खड़पतियाखाल, पोखरी रोड से प्रसारित होता है। रेडियो केदार उत्तराखंड की संस्कृति, खानपान, रीति रिवाज, भाषा बोली, लोक पर्वों एवं गीतों, लोक कथाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रोग्राम प्रसारित करता है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ ही महिला सशक्तिकरण पर रेडियो दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करता है। यह समुदायों के विभिन्न मुद्दों को आवाज देने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। साथ ही, गवर्नेंस और समुदायों के बीच समन्वय एवं संवाद के लिए एक सेतु की भांति कार्य कर रहा है।
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