पहाड़ की लोक कला एवं साहित्य: सुधान सिंह कैंतुरा और डॉ. सुनील थपलियाल की विशेष चर्चा

A Journey through Folk Art & Literary Heritage

Radio Kedar
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मानव भारती की पहल रेडियो केदार के विशेष कार्यक्रम में, डॉ. सुनील थपलियाल की भेंट वार्ता सुधान सिंह कैंतुरा जी से, जो एफआरआई (FRI) में रिसर्च स्कॉलर होने के साथ-साथ पहाड़ की लोक कला, संस्कृति के मर्मज्ञ और एक प्रख्यात गीतकार भी हैं।

इस चर्चा में हिमालयी साहित्य की गहराई, लोक परंपराओं के स्वरूप और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विस्तार से बात की गई है। कैंतुरा जी ने साझा किया कि कैसे लोक गीत और कला पीढ़ियों के बीच एक सेतु का काम करते हैं और साहित्य किस तरह समाज की पहचान को परिभाषित करता है।

वार्ता के मुख्य बिंदु:

  • पहाड़ों की लोक कला का वास्तविक स्वरूप।
  • पहाड़ी साहित्य का विकास और वर्तमान चुनौतियाँ।
  • एक गीतकार और शोधकर्ता के रूप में सुधान सिंह कैंतुरा का अनुभव।
  • भविष्य की पीढ़ियों के लिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक जड़ों को सहेजना।
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रेडियो केदार (91.2 एफएम) एक सामुदायिक रेडियो है, जो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिला स्थित ग्राम क्यूड़ी, खड़पतियाखाल, पोखरी रोड से प्रसारित होता है। रेडियो केदार उत्तराखंड की संस्कृति, खानपान, रीति रिवाज, भाषा बोली, लोक पर्वों एवं गीतों, लोक कथाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रोग्राम प्रसारित करता है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ ही महिला सशक्तिकरण पर रेडियो दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करता है। यह समुदायों के विभिन्न मुद्दों को आवाज देने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। साथ ही, गवर्नेंस और समुदायों के बीच समन्वय एवं संवाद के लिए एक सेतु की भांति कार्य कर रहा है।
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